Pgt 2021: Answer Series Of Remaining 13 Subjects Also Released, Chance For Objection Till 22 – पीजीटी 2021: शेष 13 विषयों की भी उत्तरमाला जारी, 22 तक आपत्ति का मौका

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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की पीजीटी 2021 की परीक्षा 17 और 18 अगस्त के बीच संपन्न हुई। चयन बोर्ड ने एक दिन पहले दस विषयों की उत्तर माला जारी कर दी थी। इसके लिए अभ्यर्थी 21 अगस्त तक आपत्ति कर सकते हैं। जबकि इसके एक दिन बाद शेष 13 विषयों की भी उत्तरमाला चयन बोर्ड ने जारी कर दी है। इसके लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन आपत्ति 22 अगस्त तक कर सकते हैं। अभ्यर्थी एक या एक से अधिक प्रश्नों पर साक्ष्य के साथ आपत्ति ऑनलाइन आब्जेक्शन पोर्टल – http://objection.upsessb.org कर सकते हैं।

चयन बोर्ड के उपसचिव और परीक्षा नियंत्रक नवल किशोर ने बताया कि विषयों हिंदी, रसायन विज्ञान, जीवन विज्ञान, भूगोल, समाजशास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान, तर्कशास्त्र, वाणिज्य और संगीत गायन समेत सभी 23 विषयों की उत्तरमाला जारी हो गई। आपत्ति सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही ली जाएंगी। अन्य प्रकार की गई आपत्तियों पर चयन बोर्ड विचार नहीं करेगा। अभ्यर्थी को आपत्ति के साथ सुस्पष्ट पठनीय साक्ष्य स्कैन (पीडीएफ फार्मेट अधिकतम 200 केबी) कराकर अपलोड करना होगा। ऑनलाइन ऑब्जेक्शन पोर्टल से संबंधित किसी भी तरह की समस्या के लिए अभ्यर्थी चयन बोर्ड की हेल्प लाइन- 0532-2266851 व 8468007598 पर संपर्क कर सकते हैं। 

बोर्ड की उत्तर कुंजी के कई प्रश्नों पर अभ्यर्थियों ने की आपत्ति 
प्रयागराज। चयन बोर्ड ने पीजीटी के सभी 23 विषयों की उत्तर माला जारी कर दी है। अभ्यर्थी इतिहास, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, हिंदी, संस्कृत, अर्थशास्त्र  समेत अन्य विषयों की उत्तरमाला पर आपत्ति के लिए साक्ष्य संकलन कर रहै है। इतिहास के प्रश्न – बलबन ने मृत्यु से पहले किसे उत्तराधिकारी घोषित किया था, मुगल काल में इजरा क्या था, 1857 के विद्रोह में किसने लखनऊ विद्रोह का नेतृत्व किया था, के उत्तर पर अभ्यर्थी आपत्ति दर्ज कराएंगे।

हिंदी में प्रश्न- रीतिकाल को सर्वप्रथम श्रृंगार काल नाम रखने का सुझाव किसने दिया था, शैशव के सुंदर प्रभात का मैंने नवविकास देखा, यौवन की मादक लाली में यौवन का हुलास देखा समेत कई प्रश्नों के उत्तर पर आपत्ति की है। इसी तरह अर्थशास्त्र के प्रश्न- लागतों में तुलनात्मक लाभ सिद्धांत के प्रतिपादक कौन हैं, मांग की आड़ी कीमत किस आधार पर लांच होती है, घर्षणात्मक बेरोजगारी कब उत्पन्न होती है, प्रशुल्क लगानेे के फलस्वरूप क्या होता है, आदि पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति की है।

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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की पीजीटी 2021 की परीक्षा 17 और 18 अगस्त के बीच संपन्न हुई। चयन बोर्ड ने एक दिन पहले दस विषयों की उत्तर माला जारी कर दी थी। इसके लिए अभ्यर्थी 21 अगस्त तक आपत्ति कर सकते हैं। जबकि इसके एक दिन बाद शेष 13 विषयों की भी उत्तरमाला चयन बोर्ड ने जारी कर दी है। इसके लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन आपत्ति 22 अगस्त तक कर सकते हैं। अभ्यर्थी एक या एक से अधिक प्रश्नों पर साक्ष्य के साथ आपत्ति ऑनलाइन आब्जेक्शन पोर्टल – http://objection.upsessb.org कर सकते हैं।

चयन बोर्ड के उपसचिव और परीक्षा नियंत्रक नवल किशोर ने बताया कि विषयों हिंदी, रसायन विज्ञान, जीवन विज्ञान, भूगोल, समाजशास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान, तर्कशास्त्र, वाणिज्य और संगीत गायन समेत सभी 23 विषयों की उत्तरमाला जारी हो गई। आपत्ति सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही ली जाएंगी। अन्य प्रकार की गई आपत्तियों पर चयन बोर्ड विचार नहीं करेगा। अभ्यर्थी को आपत्ति के साथ सुस्पष्ट पठनीय साक्ष्य स्कैन (पीडीएफ फार्मेट अधिकतम 200 केबी) कराकर अपलोड करना होगा। ऑनलाइन ऑब्जेक्शन पोर्टल से संबंधित किसी भी तरह की समस्या के लिए अभ्यर्थी चयन बोर्ड की हेल्प लाइन- 0532-2266851 व 8468007598 पर संपर्क कर सकते हैं। 

बोर्ड की उत्तर कुंजी के कई प्रश्नों पर अभ्यर्थियों ने की आपत्ति 

प्रयागराज। चयन बोर्ड ने पीजीटी के सभी 23 विषयों की उत्तर माला जारी कर दी है। अभ्यर्थी इतिहास, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, हिंदी, संस्कृत, अर्थशास्त्र  समेत अन्य विषयों की उत्तरमाला पर आपत्ति के लिए साक्ष्य संकलन कर रहै है। इतिहास के प्रश्न – बलबन ने मृत्यु से पहले किसे उत्तराधिकारी घोषित किया था, मुगल काल में इजरा क्या था, 1857 के विद्रोह में किसने लखनऊ विद्रोह का नेतृत्व किया था, के उत्तर पर अभ्यर्थी आपत्ति दर्ज कराएंगे।

हिंदी में प्रश्न- रीतिकाल को सर्वप्रथम श्रृंगार काल नाम रखने का सुझाव किसने दिया था, शैशव के सुंदर प्रभात का मैंने नवविकास देखा, यौवन की मादक लाली में यौवन का हुलास देखा समेत कई प्रश्नों के उत्तर पर आपत्ति की है। इसी तरह अर्थशास्त्र के प्रश्न- लागतों में तुलनात्मक लाभ सिद्धांत के प्रतिपादक कौन हैं, मांग की आड़ी कीमत किस आधार पर लांच होती है, घर्षणात्मक बेरोजगारी कब उत्पन्न होती है, प्रशुल्क लगानेे के फलस्वरूप क्या होता है, आदि पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति की है।

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