» Up Budget: Up’s Mini Budget At A Glance: Rs 1,000 Increase In Honorarium Of 10 Lakh Field Workers; – Up: 10 लाख फील्ड कार्मिकों के मानदेय में एक हजार की वृद्धि, कार्मिकों को पुचकारने पर ध्यान

  • Up Budget: Up’s Mini Budget At A Glance: Rs 1,000 Increase In Honorarium Of 10 Lakh Field Workers; – Up: 10 लाख फील्ड कार्मिकों के मानदेय में एक हजार की वृद्धि, कार्मिकों को पुचकारने पर ध्यान
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    सार

    वित्त वर्ष 2021-22 के 7,301.51 लाख करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट का बड़ा जोर मानदेय पर काम करने वाले प्रदेश के करीब 10 लाख नाराज फील्डकर्मियों को पुचकारने, प्रबुद्ध अधिवक्ताओं को खुश करने, खिलाड़ियों-युवाओं को साधने व अपने फ्लैगशिप प्रोग्राम से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को रफ्तार देने पर रहा है।

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    योगी सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने पहले ‘मिनी बजट’ (अनुपूरक बजट) को पूरी तरह चुनावी चाशनी से भर कर अपनी उम्मीदें बढ़ाने का दांव चल दिया है। वित्त वर्ष 2021-22 के 7,301.51 लाख करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट का बड़ा जोर मानदेय पर काम करने वाले प्रदेश के करीब 10 लाख नाराज फील्डकर्मियों को पुचकारने, प्रबुद्ध अधिवक्ताओं को खुश करने, खिलाड़ियों-युवाओं को साधने व अपने फ्लैगशिप प्रोग्राम से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को रफ्तार देने पर रहा है। सरकार ने अयोध्या व वाराणसी के जरिये अपने धार्मिक व सांस्कृतिक एजेंडे पर भी फोकस बनाए रखा है।

    प्रदेश के कर्मचारी पिछले चार वर्षों से महंगाई व तमाम तरह की मुश्किलों का हवाला देकर पारिश्रमिक बढ़ाने की गुहार लगा रहे थे। सुनवाई न होने पर सरकार को चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी देने लगे थे। सरकार ने सबसे पहले मानदेय पर काम करने वाले 10 लाख फील्डकर्मियों को साधने का दांव चला है। शिक्षा विभाग के शिक्षामित्र, अंशकालिक अनुदेशक तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की मुख्य व सहायक रसोइयां के साथ आशा कार्यकर्ता व संगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका, पीआरडी जवानों, रोजगार सेवकों व चौकीदारों/ग्राम प्रहरियों के मानदेय में 1,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है।

    ये वे कर्मी हैं जो विधानसभा चुनाव में बीएलओ के रूप में वोट घटाने-बढ़ाने से लेकर मतदान संपन्न कराने तक में अहम भूमिका निभाते हैं। इन कर्मियों को बढ़ा मानदेय सितंबर में जुड़कर मिलेगा और अक्तूबर से भुगतान होगा। सरकार को इस निर्णय से प्रति वर्ष करीब 576 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय भार आएगा। सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से कर्मिकों के मानदेय में एक हजार की वृद्धि का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है पर आवंटित बजट के हिसाब से यह वृद्धि एक हजार तय मानी जा रही है।

    इनके मानदेय में वृद्धि

    कार्मिक संवर्ग  स्वीकृत पद मानदेय वृद्धि के लिए धनराशि
    शिक्षामित्र  1,76,504 123 करोड़ 55 लाख 28 हजार रु.
    केजीबीवी में मुख्य व सहायक रसोइयां 2,334 1 करोड़ 63 लाख 38 हजार रु.
    अंशकालिक अनुदेशक 41,307 28 करोड़ 91 लाख 49 हजार रु.
    रोजगार सेवक 58,028 40 करोड़ 62 लाख रु
    पीआरडी जवान 87,255 61 करोड़ 07 लाख 85 हजार रु.
    ग्राम प्रहरी/चौकीदार 68,337 47 करोड़ 88 लाख रु.
    आशा ग्रामीण एवं शहरी/आशा संगिनी 1,85,395 129 करोड़ 78 लाख रु.
    आंगनबाड़ी/मिनी आंगनबाड़ी व सहायिका 3,79,578 265 करोड़ 70 लाख 46 हजार रु.
    कुल   9,98,738 575 करोड़ 73 लाख 53 हजार 528 रु.

    सरकार ने युवाओं व खिलाड़ियों को आकर्षित करने के लिए नई योजनाओं का एलान किया है। युवाओं को डिजिटली सक्षम बनाने के लिए भारी उद्योग विभाग के अंतर्गत एक कोष की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी तरह टोक्यो ओलंपिक के विजयी भारतीय खिलाड़ियों के सम्मान समारोह के लिए दो करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि दी गई है। युवा कल्याण परिषद के कर्मचारियों के  वेतन के लिए एक लाख रुपये की टोकन राशि की व्यवस्था कर दी है।

    भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि 1.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का वादा किया था। इसकी लगातार मांगों को देखते हुए विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने इस वर्ष ‘अमर उजाला’ के वेबिनार में वादा जल्द पूरा करने का भरोसा दिया था। प्रमुख सचिव न्याय प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 40 से 70 वर्ष के बीच अधिवक्ताओं की मृत्यु पर उनके आश्रितों को 1.5 लाख देने की व्यवस्था है। इस राशि को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। अनुपूरक बजट प्रस्ताव में 30 वर्ष की सदस्यता पूरी करने पर 5 लाख रुपये देने की व्यवस्था कर दी गई है। इसके लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    किसानों को छुट्टा गोवंश की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। इसके लिए 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इसी तरह स्वच्छ भारत अभियान के लिए 200 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

    चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले अपनी उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार पर सरकार का पूरा फोकस है। इसके लिए अनुपूरक बजट में सूचना विभाग को 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं।

    सरकार ने अयोध्या व वाराणसी के जरिए अपने धार्मिक व सांस्कृतिक एजेंडे पर फोकस बरकरार रखा है। वाराणसी में गंगा से विश्वनाथ मंदिर तक के मार्ग के विस्तारीकरण व सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा है। इसके लिए 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अयोध्या के लिए 209 करोड़ 69 लाख 74 हजार रुपये की नई परियोजना का एलान किया गया है। इसके अंतर्गत अयोध्या के मोहल्ला मच्छरहठा स्थित भूखंड पर पब्लिक एमभनेटीज व एक मंजिला पार्क के लिए 54 करोड़ 78 लरचर 67 हजार रुपये, टेढ़ी बाजार चौराहे पर पार्किंग व जनुसविधाओं के विकास के लिए 80 करोड़ 77 लाख 93 हजार रुपये, टेढ़ी बाजार के निकट जिला पंचायत के निष्प्रयोज्य अतिथि गृह परिसर भूखंड पर जन सुविधाओं व दो मंजिला पार्क के लिए 42 करोड़ 40 लाख 87 हजार रुपये दिए गए हैं। कौशलेश कुंज योजना में पार्किंग व जन सुविधाओं के विकास के लिए 7 करोड़ 65 लाख 21 हजार तथा अयोध्या मार्ग स्थित जलकल अमानीगंज के सामने भूमि पर जन सुविधाओं के विकास, दो मंजिला पार्क के लिए 24 करोड़ 7 लाख 6 हजार रुपये दिए गए हैं। इसी तरह संस्कृत पंडितों को पुरस्कृत करने के लिए यूपी संस्कृत संस्थान को अनुदान के लिए 30 लाख रुपये दिए गए हैं। संस्कृत संस्थान के बहुउद्देशीय भवन के लिए 9.70 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

    सरकार ने प्रयागराज में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय व नोएडा में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना की नई योजना का एलान किया है। राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के लिए 5 करोड़ रुपये इस वित्त वर्ष में निर्माण कार्यों के लिए दिए गए हैं। राजस्व मद में खर्च के लिए एक लाख रुपये प्रतीक प्रावधान किया गया है। कहा गया है, राजस्व मद के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था अनुदान में हो रही बचतों से कर ली जाएगी। इसके अलावा महाधिवक्ता कार्यालय में आउटसोर्सिंग कार्यों से जुड़े भुगतान के लिए 1.83 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसी तरह नोएडा में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 1 लाख रुपये का प्रतीक प्रावधान किया गया है। इसके लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था अनुदानों की बचत से की जाएगी।

    सरकार अनुसूचित जातियों व जनजातियों को आकृष्ट करने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। इसके लिए लखनऊ में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक एवं संस्कृति केंद्र की स्थापना का एलान किया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पिछले दिनों इसका ऐशबाग में शिलान्यास किया था।

    विधानसभा में अनुपूरक बजट प्रस्तुत करते हुए वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सरकार ने आम बजट 2021-22 की तुलना में मात्र 1.33 प्रतिशत राशि का बहुत छोटा अनुपूरक बजट पेश किया है। इसमें अत्यंत आवश्यक जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ कुछ नई योजनाओं के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। अनुपूरक बजट में युवाओं को रोजगार, गन्ना किसानों के भुगतान, अधिवक्ता कल्याण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य मानदेय कर्मियों के मानदेय वृद्धि का प्रावधान किया गया है। योगी सरकार ने साढ़े चार साल के शासन में प्रदेश के प्रति धारणा बदली है। न केवल नए रिकॉर्ड बनाएं है बल्कि पुराने तोड़े भी हैं।

    – राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में ग्रामीण विद्युतीकरण निगम से प्राप्त ऋण पर दिए जाने वाले ब्याज के भुगतान के लिए 17 करोड़ 23 लाख 95 हजार रुपये।
    – उदय योजना में विद्युत वितरण कंपनियों की हानियों की फंडिंग के लिए 1500 करोड़।
    – राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के लिए आरईसी से प्राप्त ऋण की वापसी के लिए 13 करोड़ 54 लाख 76 हजार रुपये।
    – एक जनवरी 2008 से 24 अप्रैल, 2008 तक बिक्री किए गए एनपीके उर्वरक पर भुगतान किए गए वैट पर बकाया ब्याज के भुगतान के लिए 66.50 लाख रुपये।
    – भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों के प्रशिक्षण अवधि के वेतन भुगतान के लिए 1 करोड़ 27 लाख 38 हजार रुपये।
    – लोकायुक्त संगठन के वेतन आदि खर्चों के लिए 28.55 लाख रुपये।

    विधान परिषद सचिवालय में ई-ऑफिस व ई-विधान व्यवस्था लागू की जाएगी। ई-ऑफिस के लिए 44.91 लाख व ई-विधान के लिए 8 करोड़ 23 लाख 53 हजार रुपये दिए गए हैं। विधान परिषद सचिवालय में कुछ पदों पर आयोजित परीक्षा के आयोजन संबंधी भुगतान के लिए 2 करोड़ 8 लाख 80 हजार रुपये दिए गए हैं।

    विधानसभा चुनाव के विभिन्न तरह के खर्चों के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इनमें बूथ बनाने, कार्मिकों की तैनाती व अन्य खर्चों के लिए 297 करोड़ व वीवीपैट के भंडारण के लिए तीन करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

    विस्तार

    योगी सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने पहले ‘मिनी बजट’ (अनुपूरक बजट) को पूरी तरह चुनावी चाशनी से भर कर अपनी उम्मीदें बढ़ाने का दांव चल दिया है। वित्त वर्ष 2021-22 के 7,301.51 लाख करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट का बड़ा जोर मानदेय पर काम करने वाले प्रदेश के करीब 10 लाख नाराज फील्डकर्मियों को पुचकारने, प्रबुद्ध अधिवक्ताओं को खुश करने, खिलाड़ियों-युवाओं को साधने व अपने फ्लैगशिप प्रोग्राम से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को रफ्तार देने पर रहा है। सरकार ने अयोध्या व वाराणसी के जरिये अपने धार्मिक व सांस्कृतिक एजेंडे पर भी फोकस बनाए रखा है।

    प्रदेश के कर्मचारी पिछले चार वर्षों से महंगाई व तमाम तरह की मुश्किलों का हवाला देकर पारिश्रमिक बढ़ाने की गुहार लगा रहे थे। सुनवाई न होने पर सरकार को चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी देने लगे थे। सरकार ने सबसे पहले मानदेय पर काम करने वाले 10 लाख फील्डकर्मियों को साधने का दांव चला है। शिक्षा विभाग के शिक्षामित्र, अंशकालिक अनुदेशक तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की मुख्य व सहायक रसोइयां के साथ आशा कार्यकर्ता व संगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका, पीआरडी जवानों, रोजगार सेवकों व चौकीदारों/ग्राम प्रहरियों के मानदेय में 1,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है।

    ये वे कर्मी हैं जो विधानसभा चुनाव में बीएलओ के रूप में वोट घटाने-बढ़ाने से लेकर मतदान संपन्न कराने तक में अहम भूमिका निभाते हैं। इन कर्मियों को बढ़ा मानदेय सितंबर में जुड़कर मिलेगा और अक्तूबर से भुगतान होगा। सरकार को इस निर्णय से प्रति वर्ष करीब 576 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय भार आएगा। सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से कर्मिकों के मानदेय में एक हजार की वृद्धि का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है पर आवंटित बजट के हिसाब से यह वृद्धि एक हजार तय मानी जा रही है।

    इनके मानदेय में वृद्धि

    कार्मिक संवर्ग  स्वीकृत पद मानदेय वृद्धि के लिए धनराशि
    शिक्षामित्र  1,76,504 123 करोड़ 55 लाख 28 हजार रु.
    केजीबीवी में मुख्य व सहायक रसोइयां 2,334 1 करोड़ 63 लाख 38 हजार रु.
    अंशकालिक अनुदेशक 41,307 28 करोड़ 91 लाख 49 हजार रु.
    रोजगार सेवक 58,028 40 करोड़ 62 लाख रु
    पीआरडी जवान 87,255 61 करोड़ 07 लाख 85 हजार रु.
    ग्राम प्रहरी/चौकीदार 68,337 47 करोड़ 88 लाख रु.
    आशा ग्रामीण एवं शहरी/आशा संगिनी 1,85,395 129 करोड़ 78 लाख रु.
    आंगनबाड़ी/मिनी आंगनबाड़ी व सहायिका 3,79,578 265 करोड़ 70 लाख 46 हजार रु.
    कुल   9,98,738 575 करोड़ 73 लाख 53 हजार 528 रु.

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