Uppsc News Today : Cbi Starts Interrogation Of Selected Ro/aro – यूपीपीएससी : आरओ/एआरओ के चयनितों से सीबीआई ने शुरू की पूछताछ

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अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 22 Aug 2021 06:41 PM IST

सार

यह परीक्षा शुरू से ही विवादों में रही। पहले आरोप लगे कि परीक्षा में कई अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट बदल दी गई हैं। अभ्यर्थियों से ओ-लेवल सर्टिफिकेट मांगे गए थे। यह आरोप भी लगे कि ओ-लेवल सर्टिफिकेट की जगह दूसरे प्रमाणपत्र स्वीकार किए गए।

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आरओ/एआरओ -0214 भर्ती परीक्षा में चयनितों से सीबीआई ने रविवार को पूछताछ की। चयनितों से सीबीआई ने कई तरह के सवाल पूछे गए। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई पूछताछ शाम पांच बजे तक चलती रही। रविवार को कई चयनितों को तलब किया गया था। उनके अभिलेखों से लेकर टाईप और जमा किए गए कागजातों आदि के संबंध में सवाल पूछे गए। सीबीआई की कार्रवाई को लेकर काफी गहमा गहमी की स्थिति बनी रही। आयोग के अफसर से लेकर कर्मचारी तक परेशान दिखे। 

बता दें कि आरओ/एआरओ-2014 की मुख्य परीक्षा 29 एवं 30 अगस्त 2015 को इलाहाबाद एवं लखनऊ में हुई थी। प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए 16 हजार से अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे। सहायक समीक्षा अधिकारी के पद के लिए हिंदी/अंग्रेजी टाइप टेस्ट वर्ष 2016 में 16 से 27 जुलाई के बीच कराया गया था। 28 नवंबर 2016 को परीक्षा का अंतिम चयन परिणाम जारी किया गया, जिसमें 426 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया गया था। इनमें सर्वाधिक 251 अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर चयनति हुए थे।

यह परीक्षा शुरू से ही विवादों में रही। पहले आरोप लगे कि परीक्षा में कई अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट बदल दी गई हैं। अभ्यर्थियों से ओ-लेवल सर्टिफिकेट मांगे गए थे। यह आरोप भी लगे कि ओ-लेवल सर्टिफिकेट की जगह दूसरे प्रमाणपत्र स्वीकार किए गए। कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी अभिलेख लगाए और तमाम अभ्यर्थियों को टाइप टेस्ट में अनुचित लाभ पहुंचा गया। आरोप लगाए गए कि टाइप टेस्ट में फेल अभ्यर्थियों का भी चयन किया गया। सीबीआई जांच शुरू हुई तो तमाम अभ्यर्थियों ने सीबीआई के समक्ष अभिलेखीय साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। सीबीआई के द्वारा इस मामले में एक नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

विस्तार

आरओ/एआरओ -0214 भर्ती परीक्षा में चयनितों से सीबीआई ने रविवार को पूछताछ की। चयनितों से सीबीआई ने कई तरह के सवाल पूछे गए। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई पूछताछ शाम पांच बजे तक चलती रही। रविवार को कई चयनितों को तलब किया गया था। उनके अभिलेखों से लेकर टाईप और जमा किए गए कागजातों आदि के संबंध में सवाल पूछे गए। सीबीआई की कार्रवाई को लेकर काफी गहमा गहमी की स्थिति बनी रही। आयोग के अफसर से लेकर कर्मचारी तक परेशान दिखे। 


बता दें कि आरओ/एआरओ-2014 की मुख्य परीक्षा 29 एवं 30 अगस्त 2015 को इलाहाबाद एवं लखनऊ में हुई थी। प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए 16 हजार से अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे। सहायक समीक्षा अधिकारी के पद के लिए हिंदी/अंग्रेजी टाइप टेस्ट वर्ष 2016 में 16 से 27 जुलाई के बीच कराया गया था। 28 नवंबर 2016 को परीक्षा का अंतिम चयन परिणाम जारी किया गया, जिसमें 426 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से चयनित घोषित किया गया था। इनमें सर्वाधिक 251 अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर चयनति हुए थे।

यह परीक्षा शुरू से ही विवादों में रही। पहले आरोप लगे कि परीक्षा में कई अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट बदल दी गई हैं। अभ्यर्थियों से ओ-लेवल सर्टिफिकेट मांगे गए थे। यह आरोप भी लगे कि ओ-लेवल सर्टिफिकेट की जगह दूसरे प्रमाणपत्र स्वीकार किए गए। कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी अभिलेख लगाए और तमाम अभ्यर्थियों को टाइप टेस्ट में अनुचित लाभ पहुंचा गया। आरोप लगाए गए कि टाइप टेस्ट में फेल अभ्यर्थियों का भी चयन किया गया। सीबीआई जांच शुरू हुई तो तमाम अभ्यर्थियों ने सीबीआई के समक्ष अभिलेखीय साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। सीबीआई के द्वारा इस मामले में एक नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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